एक साल में दूसरी बार मुंह की खाई
- dmmorris99
- Sep 3, 2020
- 2 min read
खास बात यह है कि पाकिस्तान ने इस साल लगातार दूसरी बार भारतीय नागरिकों को आतंकवादी घोषित कराने की कोशिश की और दोनों ही बार उसकी चाल नाकाम हो गई। जनवरी में उसने दो भारतीय नागरिकों अजॉय मिस्त्री और वेणु माधव डोंगरा की गतिविधियों को संदिग्ध बताते हुए इन्हें आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव पेश किया था। लेकिन, तब भी यह चाल उल्टी साबित हुई।
यह हरकत बार-बार क्यों इसकी कई वजह हैं। लेकिन, हालिया घटनाक्रम ज्यादा अहम है। दरअसल, भारत ने यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के फाउंडर मौलाना मसूद अजहर के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए और साबित कर दिया कि वो भारत में आतंकी हमले करवाने की साजिश में शामिल है। सबूतों से साफ हो गया था कि अजहर के लिंक अल कायदा और तालिबान से भी हैं। इसके बाद सिक्योरिटी काउंसिल ने जैश सरगना को ग्लोबल टेरेरिस्ट घोषित कर दिया। पाकिस्तान अब भारत से इसी का बदला लेने की कोशिश कर रहा है।
खास बात यह है कि पाकिस्तान ने इस साल लगातार दूसरी बार भारतीय नागरिकों को आतंकवादी घोषित कराने की कोशिश की और दोनों ही बार उसकी चाल नाकाम हो गई। जनवरी में उसने दो भारतीय नागरिकों अजॉय मिस्त्री और वेणु माधव डोंगरा की गतिविधियों को संदिग्ध बताते हुए इन्हें आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव पेश किया था। लेकिन, तब भी यह चाल उल्टी साबित हुई।
यह हरकत बार-बार क्यों इसकी कई वजह हैं। लेकिन, हालिया घटनाक्रम ज्यादा अहम है। दरअसल, भारत ने यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के फाउंडर मौलाना मसूद अजहर के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए और साबित कर दिया कि वो भारत में आतंकी हमले करवाने की साजिश में शामिल है। सबूतों से साफ हो गया था कि अजहर के लिंक अल कायदा और तालिबान से भी हैं। इसके बाद सिक्योरिटी काउंसिल ने जैश सरगना को ग्लोबल टेरेरिस्ट घोषित कर दिया। पाकिस्तान अब भारत से इसी का बदला लेने की कोशिश कर रहा है।
Comments